हरियाणापुलिस अकादमी मधुबन के सहयोग से महिलाओं के लिए आत्मरक्षा पर कार्यक्रम का आयोजन किया
अध्यक्षीय संबोधन में डा. एसबी दीक्षित ने कहा कि मनुष्य परमात्मा की सर्वोत्तम कृति है। समाज में उच्च नैतिक मूल्यों का निर्वाह करके ही हम ाुशी और शुकून से रह सकते हैं। तेजी से बढ़ते आर्थिक विकास के दौर में इंसान को वस्तु बना दिया है। समाज के अच्छे लोग आज भी अतीत के गौरव को पुन: स्थापित करने में प्रयासरत हैं। इसमें कामयाबी एक साथ मिल-जुल कर एक-दूसरे के हित का ध्यान रखते हुए आगे बढ़ते रहने से जरूर मिलेगी।
कार्यक्रम में अकादमी के प्रशिक्षक ओमप्रकाश ने वरिष्ठ नागरिकों के सुरक्षा संबंधी उपायों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उन बुजुर्गों को जो प्राय: अकेले रहते हैं सदैव सर्तक रहना चाहिए। उन्हें अपने घर के उन स ाी स्थानों को ठीक प्रकार से कुंडा लगाकर बंद रखना चाहिए जहां से घर में किसी के दाखिल होने का अंदेशा हो सकता है। अपने घर पर सीसीटीवी कैमरा लगवाएं। दरवाजे पर मैजिक आई व चेन लगाएं तथा किसी भी अपरीचित, अनजान व्यक्ति के लिए दरवाजा न खोलें। सुबह शाम सैर के लिए समूह में जाएं। अपने घरेलू नौकरों के चरित्र की जांच अपने निकटतम थाना से जरूर करवाएं तथा नौकर के दो फोटाग्राफ व ब्यौरा घर और अपने निकटतम संबंधी के पास रखें। ज्यादा नकदी व आभूषण घर पर न रखें । उन्हें घर में लावारिस छोड़ें। अपने इलाके के बीट पुलिस अधिकारी व पीसीआर के स पर्क में रहें। पड़ोसी को सूचित करने के लिए अलार्म लगवाएं। अपने परिवार व स पत्ति की जानकारी अजनबियों के साथ सांझा न करें। हमेशा अपने तक ही सीमित न रहें अच्छे लोगों के साथ अपना सामाजिक दायरा बनाए रखें। बाजार में उपलब्ध सुरक्षा उपकरण जैसे स्टन गन, मिर्ची वाला स्प्रै, व्यक्तिगत अलार्म को साथ रख सकते हैं।
वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा के बारे में उप निरीक्षक ओमप्रकाश ने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल व उनके कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने वरिष्ठ नागरिक एवं माता-पिता भरण-पोषण व कल्याण अधिनियम 2007 लागू करते हुए बुजुर्ग के बच्चों तथा उसके रिश्तेदारों को जवाब देह बनाया है। यदि कोई बच्चा अपने माता-पिता को त्यागने की इरादे से लावारिस छोड़ता है तो उसे तीन महीने की कैद व जुर्माना हो सकता है। इस कानून के तहत एसडीएम को एक शिकायत के माध्यम से बुजुर्ग अपनी ऐसी स पत्ति पर पुन: अधिकार प्राप्त कर सकते हैं जिस पर बच्चों ने कब्जा कर लिया है या अपने नाम करवा लिया है और अब वे बुजुर्ग की सेवा नहीं कर रहे हैं। इस कानून के तहत कार्यवाही के लिए किसी वकील की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन बुजुर्गों के पास स पत्ति है लेकिन पीछे कोई दे ाभाल करने वाला नहीं है उनके लिए बैंक द्वारा रिवर्स मोर्टगेज सकीम जारी की गई है जिस पर स पत्ति के एवज में 20 साल के लिए मासिक राशि बुजुर्ग को दी जाती है। जिसे इस स पत्ति का वारिस या वह स्वयं ब्याज चुकाकर वापिस प्राप्त कर सकता है। चिकित्सा संबंधी सहायता के लिए हरियाणा राज्य में 3 जून से टोल फ्री न बर 108 आर भ हो गया है। अकादमी की टीम में प्रशिक्षक ममता देवी , जितेन्द्र सिंह शर्मीला, अशोक कुमार व प्रशिक्षणार्थी सोनिया, पुनम, शुकन्या, किरण, निशा, प्रमजीत, अनिता, कर्मजीत कौर शामिल थी।
इस अवसर पर एसोसिएशन के पदाधिकारी राज रानी विग, डीएन अरोड़ा, डीपी ठाकुर, एमएल अरोड़ा, केके पूरी, एसडी मनचंदा, शादी की 50वीं सालगिरह मना रहे श्रीमती एवं श्री दोतल राम अरोड़ा सहित 200 से अधिक महिला व पुरूष सदस्य उपस्थित रहे।
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