BY- PARVEEN KAUSHIK
विद्या भारती के स्कूलों में आज भी संस्कारों व देश प्रेम की शिक्षा दी जाती है: मंत्री कर्णदेव कांबोज
बड़ागांव में गीता विद्या मंदिर के स्थापना दिवस पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एंव उपभोक्ता मामले मंत्री कर्णदेव कांबोज ने वंदन कक्ष का किया उद्घाटन
गांव बड़ागांव स्थित गीता विद्या मंदिर का स्थापना दिवस एंव वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम में खाद्य नागरिक आपूर्ति एंव उपभोक्ता मामले मंत्री कर्णदेव कांबोज ने बतौर मुख्यअतिथि शिरकत करते हुए 10 लाख की लागत से तैयार हुए वंदना कक्ष का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की देवी सरस्वती तथा मां भारती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया गया। संस्थान के अध्यक्ष डा. विश्वराज तथा प्रधानाचार्य नरेंद्र जी ने बुके भेट कर मुख्यअतिथि का स्वागत किया। इस दौरान छात्रों ने प्रेरणादायी कार्यक्रम प्रस्तुत किए। क्षेत्र में सामाजिक कार्यो में विशेष योगदान के लिए मास्टर सेवाराम को सम्मानित भी किया।
मंत्री कांबोज ने उपस्थित छात्रों व अभिभावकों को नववर्ष 2074 तथा माता के नवरात्रों की शुभकामनाएं दी। उन्होंने संबोधन के दौरान कहा कि विद्या भारती की ओर से संचालित स्कूलों में आज भी संस्कारों से परिपूर्ण तथा देश प्रेम की शिक्षा दी जाती है। संस्था की ओर से देशभर में 25 हजार से अधिक विद्यालय चलाए जा रहे है जिनमें पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों का स्र्वांगीण विकास किया जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षो से शिक्षा का व्यवसायीकरण हो रहा है। जिस स्कूल में ज्यादा फीस ली जाती है अभिभावक वहां पर अपने बच्चे को दाखिल कर बड़ा स्टेटस दिखाने की कोशिश करते है। उनके पास जो भी अभिभावक कान्वेंट स्कूल में दाखिले की शिफारिश के लिए आते है उन्हे वह साफ मना कर देते है, क्योंकि ऐसे स्कूलों में देश की सभ्यता, संस्कृति के बारे में कुछ नही बताया जाता। पूर्व में भारतीय संस्कृति व उच्च नैतिक मूल्यों को खत्म करने के लिए विदेशी ताकतों ने शिक्षा को निशाना बनाया। उस समय में लार्ड मैकाले द्वारा ऐसी शिक्षा पद्धति लागू की गई जिससे भारतीय छात्र संस्कृति भूलकर सिर्फ कर्मचारी बनकर पैसा कमा सकें। आजादी के बाद भी यही शिक्षा पद्धति लागू रही जिससे शिक्षा का काफी नुकसान हुआ।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कमी नही है, सिर्फ उसे निखारने की जरूरत है। छात्र-छात्राओं को प्रतिभावान, संस्कारवान बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने पाठयक्रम में गीता पढ़ाने का निर्णय लिया है। विपक्षी पार्टियों के लोग सरकार पर शिक्षा का भगवाकरण का आरोप लगा रहे है। जिससे छात्रों में अच्छी शिक्षा, संस्कार, चरित्र व प्रतिभा पैदा हो तो ऐसे आरोपो की उन्हे चिंता नही है। भाजपा सरकार शिक्षा में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है जिससे छात्र संस्कारवान बनकर देश के अच्छे नागरिक बन सकें। स्कूली छात्राओं की ओर से प्रस्तुत किए गए बेटी-बचाओ-बेटी पढ़ाओं पर आयोजित लघु नाटिका पर बोलते हुए कहा कि सरकार के इस जागरूकता अभियान के कारण बेटियों की संख्या हरियाणा में 925 के पार हो चुकी है। ओलंपिक खेलों में भी हरियाणा की बेटियों ने जीत का परचम लहराया है जो गर्व की बात है। वहीं छात्राओं ने संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया। गौरतलब है कि पिछले वर्ष मंत्री जी ने अपने नीजि कोष से वंदन कक्ष बनाने के लिए 10 लाख रूपये की ग्रांट दी थी जिसका आज उद्घाटन किया गया। उन्होंने शौचालय निर्माण के लिए एक लाख रूपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर संरक्षक सेवाराम, भाजपा नेता सोहनसिंह राणा, मंडल अध्यक्ष नंदलाल पांचाल, सरपंच चरणसिंह राणा, रणबीर गोयत, कमलजीत मंढाण, उपाध्यक्ष अशोक, प्रबंधक जिले सिंह, कोषाध्यक्ष राजकुमार, सुभाष राणा, भूपिंद्र राणा, संजय राणा, यशपाल, राजपाल, विनोद मुंजाल, किरणपाल, बनारसी सहित काफी संख्या में स्कूली छात्र तथा अभिभावक मौजूद रहे।
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