BY-PARVEEN KAUSHIK
करनाल 9 अप्रैल,
सीजेएम ने कहा कि वकीलों द्वारा किसी भी व्यक्ति की यदि निशुल्क मदद की जाती है तो वह वकील को मिलने वाले पैसे से कहीं अधिक है। वैसे भी हम एक सामाजिक व्यवस्था का हिस्सा है, जिसका हमें समय-समय पर निर्वाह भी करते रहते है। पैनल अधिवक्ता अपने काम को पूरी मेहनत व लगन से करेंगे तो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों का लाभ पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
दो दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर पैनल के वकीलों को कानून का विस्तृत रूप से पाठ पढ़ाने वाले कार्यशाला के मास्टर टे्रनर अरविन्द खुरानिया ने बताया कि नए विषयों के साथ प्रथम स्तर सभी जिलों में कार्यशाला का कार्य पूरा हो चुका हैं। द्वितीय स्तर में अब तक इस प्रकार की कार्यशाला पंचकुला,अम्बाला,कुरूक्षेत्र,कै थल जिलों में की जा चुकी है और करनाल में जारी है। प्रशिक्षण के दौरान किशोर न्याय कानून 2015, नियम 2016, वकीलों, पुलिस और अदालत के काम करने के नए पहलूओं, श्रम कानून, कार्यस्थल पर औरतों को सरंक्षण, कैदियो के अधिकार, घरेलू हिंसा, वाहन अधिनियम, विशेष व्यक्तियों पर कानून इत्यादि विषयों को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को कानूनी मदद मिल सके।
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