चार वर्षीय बच्चे की जलकर मौत
घरौंडा प्रवीण कौशिक
गांव मुंडोगढ़ी में किसान के खेत में खड़े झोपड़े में अचानक आग लग गई।
जिससे झोपड़े में सो रहे किसान के चार वर्षीय बच्चे की जलकर मौत हो गई।
परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए बच्चे का दाहक्रम कर दिया।
गांव मुंडोगढ़ी निवासी पुरखान ने यमुना के अंदर सब्जियां लगाई हुई है।
सोमवार को पुरखान अपने परिवार के साथ खेतों में गया था, उसने अपने चार
वर्षीय बच्चों को खेत में बनी झोपड़ी में सुला दिया और खेत में काम करने
के लिए चला गया, लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक झोपड़ें में आग लग गई और
झोपड़ा धूं-धू करके जलने लगा। झोपड़े में आग की लपटों को देखकर आस पास के
लोगों में अफरा तफरी मच गई और मौके पर पहुंच आग पर काबू पाने का प्रयास
किया, लेकिन तेज हवा होने के कारण आग ओर भी ज्यादा भड़क गई और देखते ही
देखते झोपड़ा जलकर खाक हो गया और उसमें मौजूद बच्चे की जलने से मौत हो
गई। बच्चे की मौत से पूरे परिवार में मातम पसर गया और लोग सांत्वना देने
के लिए किसान के घर पहुंचनें लगे। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए
दाहक्रम कर दिया।
घरौंडा प्रवीण कौशिक
गांव मुंडोगढ़ी में किसान के खेत में खड़े झोपड़े में अचानक आग लग गई।
जिससे झोपड़े में सो रहे किसान के चार वर्षीय बच्चे की जलकर मौत हो गई।
परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए बच्चे का दाहक्रम कर दिया।
गांव मुंडोगढ़ी निवासी पुरखान ने यमुना के अंदर सब्जियां लगाई हुई है।
सोमवार को पुरखान अपने परिवार के साथ खेतों में गया था, उसने अपने चार
वर्षीय बच्चों को खेत में बनी झोपड़ी में सुला दिया और खेत में काम करने
के लिए चला गया, लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक झोपड़ें में आग लग गई और
झोपड़ा धूं-धू करके जलने लगा। झोपड़े में आग की लपटों को देखकर आस पास के
लोगों में अफरा तफरी मच गई और मौके पर पहुंच आग पर काबू पाने का प्रयास
किया, लेकिन तेज हवा होने के कारण आग ओर भी ज्यादा भड़क गई और देखते ही
देखते झोपड़ा जलकर खाक हो गया और उसमें मौजूद बच्चे की जलने से मौत हो
गई। बच्चे की मौत से पूरे परिवार में मातम पसर गया और लोग सांत्वना देने
के लिए किसान के घर पहुंचनें लगे। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए
दाहक्रम कर दिया।


No comments:
Post a Comment