ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा मजदूरो को भुगतना पड़ सकता है
घरौंडा : प्रशान्त कौशिक
रेलवे लाईन के पार बन रहे आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जोरो शोरो से चल रहा है . ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में लगे दर्जनों मजदूरो के लिए किसी तरह के सुरक्षा प्रबंध नहीं है . मजदूरो के पास न तो हेलमेट है और न किसी तरह के से टी उपकरण . लिहाजा निर्माणस्थल पर कभी भी हादसा हो सकता है . ऐसे में ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा मजदूरो को भुगतना पड़ सकता है . हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी साईट पर मजदूरो के लिए पु ता सुरक्षा प्रबंध होने का दावा कर रहे है .
शहर के पश्चिम में बन रहा अत्याधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट इन दिनों में चर्चा में है . जनस्वास्थ्य विभाग का दावा है की यह सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट मील का पत्थर साबित होगा . प्लांट निर्माण का कार्य जोरो से चल रहा है इसी बीच यहाँ काम कर रहे दर्जनों मजदूरो की सुरक्षा को पूरी तरह से अनदेखा किया जा रहा है . साईट पर काम कर रहे मजदूर नंगे पाँव सरिये का काम कर रहे है . इन मजदूरो को न तो हेलमेट दिए गए है और न ही इनके पास हाथो की सुरक्षा के लिए दस्ताने है . निर्माण कार्यो में लगे मजदूरो ने बताया की उनके पास कोई भी सुरक्षा उपकरण नहीं जिस वजह से मजबूरन उन्हें ऐसे ही काम करना पड़ता है . मशीन से लोहे की रॉड काट रहे मजदूरो की स्तिथि और अधिक दयनीय है . मजदूरो को जैसे तैसे लोहा काटते समय निकलने वाली चिंगारियों से बचाना पड़ता है . साईट पर बिना सुरक्षा उपकरणों से चल रहे काम से कभी भी मजदूरो पर आफत आ सकती है .
विभाग के जेई रविन्द्र कुमार के अनुसार साईट पर करीब पेतिस से चालीस मजदुर सिविल कन्स्ट्रक्शन का काम कर रहे है . उन्होंने कहा की जरुरत के अनुसार मजदूरो को हेलमेट , दस्ताने व सुरक्षा चश्मे दिए है . रविन्द्र कुमार ने दावा किया की साईट पर मजदूरो की सुरक्षा के लिए पुरे इंतजाम किये गए है .

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