भाकियू अढ़ी जेल भरो आन्दोलन पर, सोमवार तक निकल सकता है कोई रास्ता
करनाल, 2 जुलाई :
भारतीय किसान यूनियन और करनाल प्रशासन के बीच आज कई दौर की बातचीत हुई। लेकिन बातचीत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। हालांकि बातचीत अच्छे माहौल में शुरू हुई। इस दौरान भाकियू ने अपनी तरफ से प्रशासन के सामने जो प्रस्ताव रखें। उनमें ट्रांसफार्मर को जलाने वाले किसान जसविन्द्र को बाईज्जत रिहा करने, ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में 48 घंटे के अन्दर ट्रांसफार्मर बदलने तथा बिजली कर्मियों को दंडित करने की प्रमुख मांगे शामिल थी। किसान जसविन्द्र को रिहा करने और उस पर दर्ज मामलो को वापिस लेने को लेकर कानूनी अड़चने सामने आ रही थी। बातचीत में भारतीय किसान यूनियन की तरफ से प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने अगुवाई की। प्रशासन की तरफ से एस.डी.एम योगेश कुमार ने अगुवाई की। अधिकारियों के दल ने बिजली बोर्ड के एस.ई ए.के.रहेजा एक्स.ई.एन और एस.डी.ओ शामिल थे। जबकि किसानों के दल में किसान नेता राजेन्द्र आर्य दादूपुर, जिला सरंक्षक मैहताब कादियान, जिला प्रवक्ता सुरेन्द्र सांगवान, बलबीर सिंह, शामगढ़ के सरंपच कुलदीप, शीशपाल कतलाहेड़ी शामिल थे। किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंची। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि किसान जेल भरो आन्दोलन पर अड़े हुए है। वह पूरी तरह से तैयारी में है। प्रशासन को उन्होंने प्रस्ताव दे दिया है। इस प्रस्ताव पर अमल करना प्रशासन का काम है। बैठक में मौजूद किसान नेता राजेन्द्र आर्य दादूपुर ने बताया कि किसान पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसान जसविन्द्र की जमानत नहीं बल्कि रिहाई चाहिए। इस मामले को लेकर प्रशासन और किसान नेताओं में सहमति नहीं बन पाई। यदि किसान को रिहा नहीं किया गया तो आन्दोलन की आग पूरे प्रदेश में फैलेगी। उधर आशा जताई जा रही है कि सोमवार तक प्रशासन किसानों को प्रस्ताव मान लेगा।
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