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Monday, 10 July 2017

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा करनाल

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जलदूतों से जल सरंक्षण अभियान में पंचायत व लोगों की सहभागिता
करनाल 10 जुलाई
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा करनाल के 435 गाँवों में पानी के महत्व के बारे में हितधारकों के बीच जल सरंक्षण जागरूकता अभियान के तहत जल के कुशल उपयोग व प्रबंधन को बढ़ाने हेतु चलाया गया कार्यक्रम के सम्पूर्ण होने पर जिला विकास प्रबंधक सुशील कुमार द्वारा 46 जलदूतों की 23 टीमों के अनुभव पर चर्चा सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जलदूतों से जल सरंक्षण अभियान में पंचायत व लोगों की सहभागिता, गाँव में उठाये गए मुद्दे, जल संसाधनों के मानचित्रण की समीक्षा, कार्य बिंदुओं की पहचान व समस्याओं की जानकारी तथा ग्रामीणों को सम्बंधित विभागों से जोडऩे, भविष्य के लिए कार्यक्रम में सुधार व योजनाओं के निर्माण के लिए सुझाव, आदि रहा । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए डॉ प्रियंका सोनी, अतिरिक्त उपायुक्त, करनाल ने नाबार्ड द्वारा जिले भर में चलाये गए जल सरंक्षण अभियान की प्रशंसा की तथा उन्होंने इस कार्यक्रम को सरकार द्वारा चलाये गए स्वच्छता कार्यक्रम से समन्वय करने के बारे में सुझाव दिया । इस मौके पर उन्होंने आवाह्न किया कि कृषि कार्यों हेतु सूक्ष्म सिंचाई की तकनीक का प्रयोग करना चाहिए, जिससे खेती में 70 प्रतिशत तक जल को बचाया जा सकता है।
 उन्होंने बताया कि इस गतिविधि पर हरियाणा सरकार के बागवानी विभाग से सब्सिडी भी उपलब्ध होती है । अतिरिक्त उपायुक्त ने जलदूतों को कृषि गतिविधियों में जल सरंक्षण पर अधिक जागरूकता बढाने पर बल दिया तथा उन्होंने जलदूतों को यह कम लगातार आगे बढाने के लिए आह्वान किया । उन्होंने इस कार्यक्रम से निकलने वाले कार्य बिन्दुओं पर सुझाव व समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाने के लिए आश्वासन दिया। डी. के. कपिला, महाप्रबंधक, नाबार्ड, हरियाणा क्षेत्रीय कार्यालय ने कार्यक्रम  की अध्यक्षता करते हुए बताया कि हरियाणा के विभन्न जिलों के 5000 से अधिक गाँवों में जल सरंक्षण अभियान चलाया गया जहाँ पर जलदूतों ने ग्रामीणों व किसानों में जल-संवर्धन, संरक्षण और उसके कुशल प्रबंधन की आवश्यकता के बारे में बताया तथा भूजल पुनर्भरण, वर्षा जल संचयन और सूक्ष्म सिंचाई जैसे तकनीकों को अपनाने के बारे में बताया गया ताकि जल की प्रति यूनिट से कृषि उत्पादकता को बढ़ाया जा सके । 
उन्होंने आह्वान किया कि यह अभियान वालंटियर्स के रूप अपनाने की जरुरत है तथा हमारे समाज में निहित है उन्होंने सभी जलदूतों विशेष रूप से महिला जलदूतों ् को सराहा । डा. समर सिंह, क्षेत्रीय निदेशक, चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने कृषि में जल बचाने हेतु लेजर लैंड लेवलर व हैप्पी सीडर के प्रयोग तथा सब्जियों, फलों व फूलों की खेती टपका/ फव्वारा सिंचाई, मल्चिंग के प्रयोग से जल बचाने का के बारे में जागरूक किया । 
इस मौके पर सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एजुकेशन से शरद गौड़ ने जलदूतों के फीडबैक, दस्तावेज, सुझावों आदि को संकलित किया ताकि भविष्य में ऐसे कार्यक्रम और बेहतर तरीके से किया जा सके। इस कार्यक्रम में राजेन्द्र मल्होत्रा, अग्रणी जिला प्रबंधक ने बैंकों द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सुविधाओं के बारे में जानकारी दी । इस कार्यक्रम में बागवानी विभाग के अधिकारी, जन कल्याण समिति से गुलाब मान, राजबाला मान, जलदूत भी शामिल रहे ।  

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