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Wednesday, 5 July 2017

सप्ताह बाद तक सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बिजली के मीटर होने चाहिए घरों के बाहर :-सीपीएस डा०कमल गुप्ता।


स्थानीय पंचायत भवन में आयोजित कष्ट निवारण एवं परिवेदना समिति की मासिक बैठक में 11 शिकायतों में से 8 का किया गया मौके पर ही निपटारा।
करनाल 5 जुलाई,parveen kaushik
आने वाले सात दिनों के अंदर-अंदर जिला प्रशासन के सभी अधिकारी अपने घरों में लगे बिजली के मीटर बाहर लगवाने की व्यवस्था करें ताकि आम जनता के सामने पे्ररक उदाहरण पेश हो सके कि प्रदेश सरकार की जो नीति है उसके तहत मीटर बाहर लगवाएं जा रहे है। यदि कोई अधिकारी सप्ताह के बाद तक अपना बिजली का मीटर बाहर नहीं लगवाएगा,तो बिजली वितरण निगम द्वारा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि अपने घरों के बिजली के मीटर बाहर लगवाना सुनिश्चित करें। यह निर्देश मुख्य संसदीय सचिव डा०कमल गुप्ता ने बुधवार को स्थानीय पंचायत भवन में जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक को सम्बोधित करते हुए दिये। 
  बैठक में एजेंडा अनुसार कुल 11 शिकायतें रखी गई,जिनमें से 8 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। एजेंडे में शामिल शिकायतों के अलावा सीपीएस ने करीब 100 शिकायतों का भी मौके पर समाधान किया तथा संबंधित अधिकारियों को शिकायतों से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। सीपीएस ने कहा कि समिति की बैठक को कोई भी अधिकारी हल्के में ना लें बल्कि बैठक में पूरी तैयारी के साथ समय पर आना सुनिश्चित करें। अगर किसी अधिकारी को किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़ जाता है तो वह उपायुक्त को बताकर जाए। बैठक में पहुचंने पर उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ ने सीपीएस का स्वागत किया।
बैठक में पहली शिकायत गांव अमृतपुर कलां की रहने वाली रूकमनी ने की थी। शिकायत में कहा गया था कि उसे सिलाई मशीन हेतू जो राशि मिलनी थी,वह उसे नहीं मिली है। इस पर औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के सहायक निदेशक ने बताया कि प्रार्थी के बैंक खाते की प्रति संलग्र नहीं थी,लेकिन अब प्रति उपलब्ध होने पर संबंधित राशि खाते में जमा करवा दी गई है। सीपीएस ने संबंधित शिकायत को फाईल करने के निर्देश दिये। बैठक में दूसरी शिकायत गांव ब्रास के रहने वाले आनंद ने की थी। शिकायत में कहा गया कि उनकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत मिलने वाली राशि उन्हें नहीं मिली है। इस पर एलडीएम ने बताया कि योजना में संबंधित प्रार्थी का पंजीकरण नहीं हुआ था,लेकिन प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में पंजीकरण हुआ था। बैंक स्तर पर जांच करने उपरांत पाया गया कि संबंधित प्रार्थी के पास योजना से संबंधित रसीद थी लेकिन उसे लाभ नहीं मिल पाया। इस पर सीपीएस ने कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि इसमें प्रार्थी की कोई गलती नहीं है,प्रार्थी को दो महीने के अंदर-अंदर बैंक अपने स्तर पर संबंधित बीमे की राशि उपलब्ध करवाएं। सीपीएस ने संबंधित शिकायत को फाईल करने के निर्देश दिये
बैठक में तीसरी शिकायत असंध के रहने वाले मंगल सिंह ने की थी। शिकायत में कहा गया कि उसने जमीन का बीमा करवाया था,लेकिन उसे सरकार की नीति अनुसार फसल के बीमे की राशि प्राप्त नहीं हुई है। इस पर डीडीए ने बताया कि संबंधित फसल का सर्वे बीमा कम्पनी द्वारा करवा दिया गया है। जितनी राशि होनी चाहिए उतनी बीमा कम्पनी के सर्वे द्वारा नहीं दी जा रही है। इस पर सीपीएस ने कहा कि डीडीए स्वयं इसकी जांच करें तथा जांच में समिति के दो सदस्य कविन्द्र राणा और सतबीर कुमार को भी शामिल करें और रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें। सीपीएस ने संबंधित शिकायत को पेंडिग रखने के निर्देश दिये। बैठक में चौथी शिकायत सैयद छपरा के रहने वाले कालू की थी। शिकायत में कहा गया कि धोखाधड़ी से सेल्समैन गुरमैल सिंह ने लेन-देन में मुझ से हस्ताक्षर करवा लिये थे और काफी शिकायत करने के बाद भी संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो रही। इस पर एसडीएम इंद्री ने कहा कि दोनों पक्षों का आपस में लेन-देन था। संबंधित शिकायत के लिए कमेटी बनाई गई। कमेटी के सामने प्रार्थी ने राजीनामा कर लिया है। सीपीएस ने संबंधित शिकायत को फाईल करने के निर्देश दिये।
बैठक में पांचवी शिकायत रामनगर की रहनी वाली रजनी की थी। शिकायत में कहा गया कि उसे पिछले चार साल से बेरोजगारी भत्ता मिल रहा था,जो कि अब नहीं मिल रहा है। इस पर एसडीएम करनाल ने बताया कि प्रार्थी के पति की तनख्वाह संबंधित प्रार्थी के लिए निर्धारित भत्ते की शर्तो से ज्यादा है। प्रार्थी से रिकवरी करनी बनती है। प्रार्थी ने सीपीएस को बताया कि रिकवरी अदा कर देंगी,लेकिन उनका 6 साल का बच्चा है जो कि दिव्यांग है,उसका पालन पोषण करने के लिए भत्ता लेती थी। इस पर एसडीएम ने सीपीएस को बताया कि संबंधित बच्चे के लिए अन्य स्कीमों के तहत भत्ता शुरू करवा दिया जाएगा तथा स्कूल में भी दाखिला करवाया जाएगा। इस शिकायत में जिला रोजगार कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी के विरूद्ध भी शिकायत थी कि उसका बोलने का रवैया और व्यवहार ठीक नहीं है तथा काफी समय से करनाल में कार्यरत है। इस पर सीपीएस ने संबंधित कर्मचारी के तबादले बारे संबंधित विभाग को सिफारिश करने की बात कही और शिकायत को फाईल करने के निर्देश दिये। बैठक में छठी शिकायत गांव एबली खालसा के रहने वाले सतबीर ने की थी। शिकायत में कहा गया कि साल 2005 से 2010 तक पंचायत फंड में गड़बड़ी करने पर संबंधित सरपंच और ग्राम सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर डीडीपीओ ने सीपीएस को बताया कि संबंधित मामला हाई कोर्ट में है, इसलिए इस मामले में अभी कार्यवाही नहीं हो सकती। सीपीएस ने संबंधित शिकायत को हाईकोर्ट में होने के कारण फाईल करने के निर्देश दिये।
बैठक में सातवीं शिकायत रामपुरा कटाबाग के रहने वाले रामकुमार ने की। शिकायत में कहा गया कि उनके घरों के उपर से जो बिजली की तारे जाती है,उन्हें हटवाया जाए। इस पर उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के कार्यकारी अभियंता एम के मक्कड़ ने बताया कि संबंधित कार्य के लिए राशि बनती है,जो की प्रार्थी को जमा करवानी होगी। इस पर प्रार्थी ने सीपीएस को बताया कि राशि जमा करवा देंगे। सीपीएस ने संबंधित शिकायत को फाईल करने के निर्देश दिये। बैठक में आठवीं शिकायत निसिंग के रहने वाले गुरूमुख सिंह ने की,जिसमें कहा गया कि  बिजली हॉर्स पावर बढ़ाने का कनैक्शन दिलवाया जाएं। इस पर  उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि संबंधित प्रार्थी की बिजली सप्लाई सुचारू रूप से चल रही है तथा इससे प्रार्थी संतुष्ट है। सीपीएस ने संबंधित शिकायत को फाईल करने के निर्देश दिये। 
बैठक में नौवीं शिकायत गांव भाम्भरेहड़ी के रहने वाले कृष्ण कुमार ने की,जिसमें कहा गया कि उसका बेटा दिव्यांग है। उसे बच्चे का संबंधित प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा है। इस पर सिविल सर्जन ने बताया कि प्रार्थी को रोहतक से रिपोर्ट मिलते ही प्रमाण पत्र उपलब्ध करवा दिया गया है। सीपीएस ने संबंधित शिकायत को फाईल करने के निर्देश दिये। बैठक में दसवीं शिकायत राजीव पुरम की रहने वाली भावना की थी। शिकायत में कहा गया कि उसका डिपो होल्डर राशन नहीं देता है तथा काफी परेशान करता है। इस पर डीएफएससी के प्रतिनिधि ने बताया कि संबंधित प्रार्थी ने लिखकर दिया है कि उसको डिपोधारक से कोई शिकायत नहीं है। सीपीएस ने कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रार्थी मौजूद नहीं है आप स्वयं ही मामला कैसे निपटा सकते है? इस मामले की जांच एसडीएम करनाल करेंगे तथा उनके साथ कष्ट निवारण समिति के दो सदस्य अशोक मदान और दर्शन सिंह सहगल भी सहयोग करेंगे और रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करेंगे। सीपीएस ने संबंधित शिकायत को पेंडिंग रखने के निर्देश दिये। 
बैठक में ग्यारहवीं शिकायत घरौंडा के रहने वाले सोहन लाल गुप्ता की थी। शिकायत में कहा गया कि खनन कार्यालय से जब भी वह कोई जवाब मांगते है तो वह समय पर नहीं मिलता है। इस पर खनन अधिकारी ने बताया कि जवाब समय पर दिया जाता है,लेकिन कुछ का जवाब निदेशक कार्यालय में पेंडिंग होने के कारण नहीं दे पायें है। जैसे ही निदेशक महोदय से जवाब आयेगा,तो जवाब दे दिया जाएगा। इस पर सीपीएस ने कहा कि इस मामले की पूरी रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें। इसके बाद सीपीएस ने समिति के सदस्यों के साथ भी बैठक की। 
इस अवसर पर सीपीएस व असंध से विधायक बख्शीश सिंह विर्क ,बीजेपी के जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद ,नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता,नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग के अलावा जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़,एसपी जश्रदीप सिंह रंधावा,नगर निगम के आयुक्त आदित्य दहिया,एडीसी डा०प्रियंका सोनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तथा समिति के गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित थे। 
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सीपीएस डा०कमल गुप्ता ने जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में बिना सूचना बाहर गए जिला रोजगार अधिकारी को अंडर-7 रूल के तहत चार्जशीट करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी यदि बाहर जाए तो डीसी को इसकी सूचना जरूर देकर जाए ताकि समिति की बैठक को इसकी जानकारी हो। इसके अलावा सीपीएस ने बैठक में डीएफएससी को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये,चूंकि डीएफएससी भी बैठक में मौजूद नहीं थे। 
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सीपीएस डा०कमल गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार अब कोई भी व्यक्ति जिसका राशन कार्ड हो,वह किसी भी राशन डिपो से राशन ले सकता है। उन्होंने एडीसी डा०प्रियंका सोनी को निर्देश दिये कि इस विषय को लेकर समिति के सदस्यों के साथ बैठक करें और उन्हें विस्तार से जानकारी सांझा करें ताकि वे आमजनता तक इसकी जानकारी पहुंचा सके।  
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बैठक में अरडाना गांव की पंचायत ने सीपीएस को अनुरोध किया कि उनके गांव को बिजली के ट्रांसफार्मर की जरूरत है। इस पर सीपीएस ने बिजली विभाग के  अधिकारियों को कहा कि मौके का मुआयना करें यदि जरूरत है तो ट्रांसफार्मर उपलब्ध करवाएं। शिव कालोनी के रहने वाले सभी सदस्यों ने मांग की कि उनकी सडक़ बनवाई जाए। इस पर संबंधित अधिकारियों को सीपीएस ने कहा कि सडक़े सही होनी चाहिए,जल्द से जल्द सडक़ ठीक करवा दें। औंगद गांव के रहने वाले निवासियों ने सीपीएस से अनुरोध किया कि उनके खेतों से बरसात के पानी को निकलवाने की कृपा करें। इस पर सिंचाई विभाग के एक्सईएन को निर्देश दिये कि संबंधित पानी को तुरंत निकलवाया जाए।  

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