करनाल, प्रशान्त कौशिक
भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर प्रदेश में केंद्र के तीन अध्यादेशों के विरोध में शुरू किए गए अगस्त क्रांति किसान आंदोलन के तहत प्रदेश के सभी सांसदों के आवास पर ज्ञापन सौंपे जाने को लेकर स्थानीय किसान भवन में जिला स्तरीय किसान पंचायत आयोजित की गई। जिलाध्यक्ष यशपाल राणा ने किसान पंचायत की अध्यक्षता करते हुए भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताया। केंद्र सरकार के तीनों अध्यादेशों के खिलाफ किसानों ने आक्रोष जताते हुए जमकर नारेबाजी भी की। संसद व विधान सभा के आगामी सत्र शुरू होंने पूर्व प्रदेश के सभी लोकसभा व राज्यसभा के सांसदो तथा विपक्षी पार्टियों के नेताओं के घरों के आगे जोरदार प्रदर्शन करने का गत 28 जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष रतनमान के नेतृत्व में पानीपत में निर्णय लिया जा चुका है। जिसके चलते आगामी 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस पर करनाल के सांसद संजय भाटिया के पानीपत स्थित निवास पर करनाल व पानीपत के किसान जोरदार प्रदर्शन करने के उपरांत ज्ञापन भी सौंपेगें। जिलाध्यक्ष राणा ने प्रदर्शन को कामयाब बनाने हेतू कार्यकर्ताओं को जिम्मेंदारी गई। जिलाध्यक्ष राणा ने कहा कि केंद्र के तीनों अध्यादेश कोरोना महामारी से भी घातक है। जो किसानों के हित में नही है। इन अध्यादेशों के लागू हो जाने से किसान बर्बाद हो जाएगें। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद शाहपुर ने कहा कि सरकार किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए समर्थन मूल्य पर खरीद गारंटी का कानून बना कर फसल भूगतान की गारंटी भी सुनिश्चित करे। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार सुरेंद्र सिंह घुम्मन, प्रदेश संगठन मंत्री श्याम सिंह मान, प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान, जिला महासचिव सतपाल बड़थल, घरोंडा खंड अध्यक्ष विनोद राणा, किसान नेता रणजीत सिंह जलमाना, मान सिंह बडसालू, करनाल खंड अध्यक्ष अंग्रेज सिंह लाठर, निसिंग खंड प्रधान राज सिंह राणा, जोगिंद्र सागवान, बलवान सिंह बदरान, मूलचंद, रणबीर सिंह, राम सिंह, बाबूराम डाबरथला सहित कई किसान मौजूद थे।
👉अध्यादेश किसान हितैषी है तो मुख्यमंत्री बुलाए सर्वदलीय बैठक
भाकियू नेताओं ने कहा कि अगर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल तीनों अध्यादेशों की हिमायती है, तो 15 अगस्त से पूर्व प्रदेश की सभी विपक्षी दलों के नेताओं व कृषि विशेषज्ञों सहित प्रदेश के सभी किसान संगठनों की सांझी बैठक बुला कर विशेष चर्चा करवाएं। चर्चा के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इसके साथ ही किसानों का भ्रम भी दूर हो जाएगा।
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