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Saturday, 1 August 2020

इंडियन ऑयल बोर्ड ने पारादीप में 13,805 करोड़ रुपए के एकीकृत पीएक्स-पीटीए परिसर के निर्माण को मंजूरी दी ।

👉पीएक्स-पीटीए परिसर 2024 के प्रारंभ में पूरा हो जाएगा । 
👉इंडियन ऑयल की एमईजी उत्पादन सुविधा पारादीप में पहले से ही लागू है और यह 2021 के अंत में चालू हो जाएगी।  
रिफाइनरी,राजपाल प्रेमी
          इंडियन ऑयल बोर्ड की शनिवार को हुई बैठक में पारादीप, ओडिशा में 13805 करोड़ रुपए की अनुमानित निवेश लागत से एकीकृत पैरा-एक्सलीन (पीएक्स) और शुद्धिकृत टेरेफ्थिक एसिड (पीटीए) परिसर के कार्यान्वयन के लिए मंजूरी प्रदान की । 
इस अवसर पर बोलते हुए इंडियन ऑयल अध्‍यक्ष एस.एम. वैद्य ने कहा कि “यह संयंत्र, पारादीप में 357 केटीए क्षमता (किलो टन प्रतिवर्ष) के निर्माणाधीन एमईजी (मोनो-ईथीलीन ग्‍लाइकोल) संयंत्र के साथ, भद्रक, ओडिशा में इंडियन ऑयल की निर्माणाधीन 300 केटीए कपड़ा यार्न विनिर्माण परियोजना के लिए फीडस्टॉक का एक तैयार स्रोत होगा । और इस प्रकार यह इस क्षेत्र में अन्य कपड़ा और पॉलिएस्टर परियोजनाओं को सुविधा प्रदान करेगा। हमें विश्‍वास है कि ये निवेश अन्य डाउनस्ट्रीम परियोजनाओं में निवेश के साथ-साथ न केवल ओडिशा में, बल्कि संपूर्ण पूर्वी भारत में उद्यमिता को बढ़ावा देगा  । जो हमारे राष्‍ट्र के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' में योगदान देंगे।”
उन्होंने बताया कि पीएक्स-पीटीए परिसर 2024 के प्रारंभ में पूरा हो जाएगा । पेट्रोरसायन परिसर में प्रतिवर्ष 8 लाख टन की पीएक्‍स उत्‍पादन क्षमता होगी । जो पीटीए उत्पादन के लिए फीडस्टॉक होगा। पीटीए की उत्पादन क्षमता प्रतिवर्ष 12 लाख टन होगी। पीटीए एमईजी के साथ-साथ पॉलिएस्टर का उत्पादन करने के लिए भी कच्चा माल है। इंडियन ऑयल की एमईजी उत्पादन सुविधा पारादीप में पहले से ही लागू है और यह 2021 के अंत में चालू हो जाएगी।  
पारादीप में पीटीए और एमईजी दोनों की उपलब्धता से आसपास के क्षेत्र में पॉलिएस्टर विनिर्माण सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, प्रतिवर्ष 50 हजार टन टोल्यूइन का उत्पादन भी किया जाएगा। पीटीए और एमईजी दोनों परियोजनाओं के चालू होने से पारादीप रिफाइनरी का पेट्रोकेमिकल गहन सूचकांक 4.5 के वर्तमान स्तर से बढ़कर 14.7 हो जाएगा। 
पीटीए पॉलिएस्टर फाइबर/ यार्न, पीईटी बॉटल और पॉलिएस्टर फिल्म के निर्माण के लिए एक प्रमुख कच्चा माल है । जिसका उपयोग पैकेजिंग अनुप्रयोगों में किया जाता है। पीटीए और एमईजी संयुक्त पॉलिएस्टर निर्माण के लिए मुख्य फीडस्‍टॉक हैं। पारादीप ओडिशा के पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्र (पीसीपीआईआर) में विश्व स्तरीय गुणवत्ता वाले ये दोनों फीडस्टॉक एक ही जगह पर उपलब्ध होंगे। 
टोल्यूइन एक महत्वपूर्ण रसायन है जिसका उपयोग टोल्यूइन डि-आइसोसाइनेट (टीडीआई), क्लोरो टोल्यूइन, नाइट्रो टोलुइन और क्रिसोल्स के लिए किया जाता है जो काफी लाभप्रद होंगे। टोल्यूइन डि-आइसोसाइनेट लचीली पॉलीयूरेथेन फोम, चिपकने वाले पदार्थ, सिंथेटिक लेदर और कोटिंग आदि के उत्पादन के लिए मूल सामग्री है।  
इंडियनऑयल ने फरवरी’19 में 3,150 करोड़ रुपए की लागत से 6.80 लाख टन प्रति वर्ष की क्षमता वाला एक विश्व-स्तरीय पॉलीप्रोपाइलीन (पीपी) संयंत्र चालू किया है। डाउनस्ट्रीम पॉलीमर उद्योग पीपी का उपयोग सीमेंट और उर्वरक बैग, पैकेजिंग फिल्म, घरेलू फर्नीचर, आदि जैसे उपयोगी उत्‍पादों के साथ-साथ खाद्य उत्पादों के कंटेनरों, मेडिकल एप्‍लीकेशनों आदि जैसे नए उत्‍पादों के निर्माण के लिए करता है।
इस प्रकार अब थोक पेट्रोरसायन की पूरी इको-प्रणाली पीसीपीआईआर में उपलब्ध होगी, जो ओडिशा के पेट्रोरसायन उद्योग को वैश्विक मानकों पर स्‍थापित करेगी, जिससे डाउनस्ट्रीम उद्योग में बड़े निवेश आकर्षित होंगे और इस क्षेत्र में पर्याप्त आर्थिक लाभ और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
पीएक्स-पीटीए परियोजना के चालू होने से प्रचालन, यूनिटों के रखरखाव और उत्पाद मूल्य श्रृंखला के रखरखाव संबंधी साजो-सामान के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 2,000 से अधिक तकनीकी रूप से कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे ।                                         

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