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Thursday, 6 August 2020

12 सितम्बर को होगा करनाल में फेंसिंग के लिए टैलेंट हंट का आयोजन

केंद्रीय खेल मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने खेलो इंडिया स्कीम की पहली काउन्सिल मीटिंग के दौरान कहा कि भारत को खेलो की दुनिया में महाशक्ति बनाने की लिए युवा प्रतिभाओ का चयन कर उन्हें उम्मदा ट्रेनिंग मुहैया करनी होगी जिससे वे आने वाले समय में देश का प्रतिनिधित्व कर सके। 
करनाल, प्रवीण कौशिक
केंद्रीय खेल मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने खेलो इंडिया स्कीम की पहली काउन्सिल मीटिंग के दौरान कहा कि भारत को खेलो की दुनिया में महाशक्ति बनाने की लिए युवा प्रतिभाओ का चयन कर उन्हें उम्मदा ट्रेनिंग मुहैया करनी होगी जिससे वे आने वाले समय में देश का प्रतिनिधित्व कर सके। खेल मंत्री ने यह भी बताया कि एक खिलाडी को ओलिंपिक के लिए तैयारी करने के लिए कम से कम 8 वर्ष का समय लगता हैं। यदि हम आज अपने युवाओ में समय निवेश करेंगे तभी वे भविष्य के चैंपियन बन सकेंगे।

खेल मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि युवा प्रतिभाओ को पहचानने के लिए हमे राज्यजिलाब्लॉक व् पंचायत स्तर पर टैलेंट हंट तथा प्रतियोगिताएं आयोजित करनी होगी। 

श्री रिजिजू की इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए करनाल फेंसिंग एसोसिएशन के संरक्षक व् भारतीय जनता पार्टी हरियाणा के महामंत्री एडवोकेट वेदपाल द्वारा जानकारी दी गई कि अगले माह होने वाले विश्व फेंसिंग दिवस 12 सितम्बर 2020 को कर्ण स्टेडियम में मिशन ओलिंपिक के अंतर्गत एक टैलेंट हंट का आयोजन किया जायेगा। 

इस टैलेंट हंट से होनहार व् प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को दो अलग आयु वर्गों (5-10 व् 10-15) में चुन कर उन्हें उच्चतम ट्रेनिंग द्वारा इंटरनेशनल प्रतियोगिताओ के लिए तैयार किया जायेगा।

हरियाणा सरकार में खेल मंत्री सरदार संदीप सिंह व् हरियाणा खेल विभाग द्वारा भी खिलाड़ियों को उच्तम दर्जे की ट्रेनिंग देने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। करनाल के कर्ण स्टेडियम में कार्यरत फेंसिंग कोच श्री सत्यवीर सिंह ने बताया कि करनाल में फेंसिंग के वर्तमान खिलाडी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद हैं कि यदि केंद्रीय खेल मंत्री के सुझाव पर अमल कर युवा खिलाड़ियों पर समय निवेश किया जाये तो भारत खेलो की दुनिया में महाशक्ति बन कर उभर सकता हैं।

फेंसिंग एक कॉम्बैट खेल हैं जिसमे खिलाडी तीन अलग-अलग तलवारो के साथ अपने हुनर कर प्रदर्शन करते हुए मैडल के लिए अपनी दावेदारी पेश करते है। फेंसिंग में खिलाडी को जीतने के लिए अपने प्रतिद्वंद्वी को तलवार से छू कर पॉइंट लेना पड़ता हैं जिसके लिए एक खिलाडी को अपनी गति व् निपुणता को बनाये रखने के लिए वर्षो तक प्रशिक्षण लेना पड़ता हैं। फेंसिंग को वर्ष 1896 में एथेंस में आयोजित ओलिंपिक गेम्स से आज तक प्रत्येक ओलिंपिक खेलो में जगह दी गयी हैं इसके साथ ही तेहरान में 1974 के एशियाई खेलों के बाद से फेंसिंग एशियाई खेलों का एक नियमित हिस्सा भी है।

गौरतलब हैं कि करनाल पिछले 20 वर्षों से हरियाणा में फेंसिंग का केंद्र रहा है। करनाल के फेंसर्स ने प्रत्येक स्तर पर पदक जीते हैं चाहे वो राज्य स्तरीय चैंपियनशिप हो या फिर राष्ट्रीयदक्षिण एशियाईएशियाई और कामनवेल्थ चैंपियनशिपकरनाल के फेंसर्स ने हर जगह अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी हैं।

भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा जारी की गई 2028 ओलिंपिक खेलो के लिए संभावित मैडल के लिए चयनित किये गए 14  खेलो की सूची में फेंसिंग भी शामिल हैं। वेदपाल ने करनाल के अभिभावकों से आह्वान किया कि यदि वे अपने बच्चे के लिए खेलो में एक सुनहरे भविष्य की तालाश कर रहे हैं तो वे अपने बच्चे का इस टैलेंट हंट के लिए रजिस्ट्रेशन अवश्य करवाए। इसके साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को आश्वत किया कि एसोसिएशन के द्वारा खिलाड़ियों को सहयोग मिलता रहेगा और प्रत्येक फेंसिंग खिलाडी को भारत व् राज्य सरकार की खेल नीति का पूर्ण लाभ मिलेगा। मिशन ओलिंपिक के अंतर्गत होने वाले टैलेंट हंट के लिए युवा प्रतिभागी https://rb.gy/5mjhko पर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।


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