
घरौंडा: प्रवीण कौशिक
घरौंडा के नाले को अगर खुनी नाले की संज्ञा दे दी जाये तो शायद गलत नही होगा। क्योंकि इस नाले की ओर से प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। आये दिन कोई न कोई पशु इस नाले की भेंट चढ रहा है आज भी एक गाय इस नाले की भेंट चढते चढते बची। ज्ञात रहे कि इसी नाले मे एक बच्चे की लाश कुछ समय पहले मिली थी । प्रशासन ने बडे बडे वादे उस समय जनता से किये थे। इसके बाद वही ढाक के तीन पात। क्योंकि नाले की सफाई हुये महीनों बीत जाते हैं जिसके कारण पशु दलदल मे फंस जाते हैं।

बताया जाता है कि अब तक सैकड़ों गऊ गिर जाने वाले गंदे नाले को जिसको दोनों तरफ बसी कॉलोनियों के लोग खूनी नाला कहने लगे हैं। कभी गाय-भैंस और कभी भेड़-बकरी जानवर पशु और कभी भी खेलते हुए वहां छोटे-छोटे बच्चे इसमेंगिर जाते हैं। आज दोपहर एक बजे फिर एक गाय नाले में गिर गई। वही बसे कॉलोनी के लोगो ने नगरपालिका में फोन किया तो कोई जवाब नही मिला। उसके तुरंत बाद सामाजिक संस्था के शहरी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को खबर मिलते वह अपने अन्य साथियों को लेकर नाले पर पहुंचे। और लगभग डेढ़ घण्टे की कड़ी मुस्कत गांय को बाहर निकाला गया। इस मौके पर गौभगत भी मौजूद रहे और संस्था के शहरी अध्यक्ष ने बताया कि प्रतिदिन इस तरह के हादसे बढ़ते जा रहे है, बीते कुछ माह पहले भी इस नाले में एक लडक़ा गिर कर मर गया था उसकेबाद भी प्रशासन द्वारा यहाँ कोई कार्यवाही नही हुई। इस मौके पर संस्था के सदस्य व कालोनी वासी मौजूद रहे।
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