पार्षदों के धरने का दुसरा दिन
घरौंडा: प्रवीण कौशिक
पार्षद सुनील पाल का न्याय दिलाने के लिये घरौंडा के पार्षदों ने आज दुसरे दिन भी नगरपालिका के पास तंबू लगाकर धरना दिया। आज धरने पार्षद सुनील पाल ने प्रधान पर मिटिंग को लेकर प्रलोभन देने के आरोप भी जडे। साथ ही उप चैयरमैन व पूर्व चैयरमैन ने नगरपालिका को भ्रष्ट्रचार का अड्डा होने की संज्ञा दी।
सोमवार को धरने के दुसरे दिन नगरपालिका के पांच पार्षद अपने लगभग दो दर्जन भर समर्थकों के साथ धरने पर बैठे। 
सुनील पाल से हुई बातचीत मे उन्होने प्रधान पर आरोप लगाये कि 22 नवम्बर को होने वाली मिटिंग के लिये सेवा पानी होने हो जायेगी। पाल द्वारा इंकार करने पर चौथे ही दिन उसे पुलिस ने उठा लिया। इस पर प्रधान सुभाष गुप्ता का कहना रहा कि ऐसी कोई बात नही हुई ओर ना मेरी उससे मुलाकात हुई। मिटिंग हाने पर विचार हुआ था जो किसी कारण वश नही हो पाई।
दुसरी तरफ उप चैयरमैन ने नगरपालिका मे भ्ररूट्रचार हो रहे हे। ब्रेकर,बैंचों व गलियो बनने मे पूरा भ्रष्ट्रचार हो रहा है। अगर इनकी जांच करवाई जाये तो तथ्य सामने आ सकते हैं। ऐसा ही आरोप पूर्व चैयरमैन सुरेन्द्र सिंगला ने लगाये कि नगरपालिका मे भ्रष्ट्राचार जोरों पर है । उन्होने कहा कि सुनील को न्याय मिलने तक धरना जारी रहेगा। आज इस मोके पर ओकार शर्मा, विकास शर्मा, इनेलो युवा नेता गगनदीप विंग व अन्य समर्थक मोजूद रहे।
घरौंडा नगरपालिका में पार्षदों की मार्च के बाद कोई मीटिंग न बुलाये जाने से अंदरखाते पार्षदों में रोष है। जो खुल कर नही बोल पा रहे है। जबकि नियमानुसार महीने में एक मीटिंग होनी चाहिए। मिटिंग न बलाये जाने से लगता है कि प्रधान को पार्षदों पर विश्वास नही है कि रखे गये प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो जायेंगे। शायद यही कारण हो सकता है मिटिंग के न बुलाये जाने का कारण। ऐसी चर्चायें प्रबल है। इस धरने से भाजपा की छवि को यहां धक्का लगा है।। ऐसा लोगों का मानना है।
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