मिल रही है तारीख वे तारीख
घरौंडा : 14 जुलाई ,प्रवीण कौशिक
विधायक जी! अपनी जमीनें वापिस पाने के लिए हम कई सालों से धक्के खा रहे है, लेकिन अभी तक कोई न्याय नही मिला। यह कहना है पांच गांव के चकबंदी पीडि़त किसानों का। शनिवार को कुटेल कल्याण फार्म हाउस पर चकबंदी पीडि़त किसानों ने विधायक हरविंद्र कल्याण के समक्ष अपना दुखड़ा रोया और बताया कि किस तरह से प्रशासनिक अधिकारी उन्हें गुमराह कर रहे है। चकबंदी पीडि़त किसानों की इतनी बात सुनकर विधायक ने तुरंत जिला उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया को फोन लगाया और कहा कि वे इस मामले को लेकर पूरी तरह से गंभीर है, जल्द से किसानों की समस्या का समाधान किया जाए।
गांव अराईपुरा, चौरा, लालुपुरा, कैरवाली व अमृतपुर कलां के चकबंदी पीडि़त किसान शनिवार को विधायक हरविंद्र कल्याण के दरबार में पहुंचें। जहां विधायक हरविंद्र कल्याण ने चकबंदी पीडि़त किसानों की समस्या को बड़ी गंभीरता से सुना। चकबंदी संयोजक प्रदीप कालरम ने विधायक को बताया कि रोहतक कमिश्रर की कोर्ट से फैसला आने के बाद भी पीडि़त किसान लगभग एक साल से लगातार तहसील कार्यालय के धक्के खा रहे है। 30 जून 2017 को रोहतक कमिश्रर ने चकबंदी मामले में अपना फैसला सुनाते हुए चकबंदी पीडि़त किसानों की खरीद पूरी की जाए और चकबंदी रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ करने व ओवरराईटिंग करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी किए थे। इस सभी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कमिश्रर ने अधिकारियों को दो माह का समय दिया था। लेकिन एक साल का समय बीत जाने के बाद भी अधिकारी उन्हें तारीख पर तारीख दिए जा रहे है और पीडित किसान तहसील कार्यालय के धक्के खाने को मजबूर है।
गड़बढ़ करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों हटाया गया-
चकबंदी पीडि़त किसानों की समस्या सुनने के बाद विधायक हरविंद्र कल्याण ने फोन पर जिला उपायुक्त से बातचीत की और प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर जानकारी हासिल की। जिला उपायुक्त ने विधायक को बताया कि जो अधिकारी या कर्मचारी इस कार्य में गड़बढ़ कर रहे थे, उनको हटा दिया गया है और दूसरें अधिकारियों या कर्मचारियों को इस कार्य की जिम्मेवारी सौपीं गई हैं। रिर्पोट आने के एक महीने के अन्दर-अन्दर नई चकबंदी तैयार कराकर किसानों को उनकी जमीनें वापिस करवा दी जाएगी।
जमीनें दिलाने के लिए वचनबद्ध हूं : विधायक
विधायक ने चकबंदी पीडि़त किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार सरकार बनते ही उन्होनें किसानों की पैरवी कर मुख्यमंत्री से मिलकर उनके मुकद्मे वापिस करवाये थे। उसी प्रकार वह उनकी जमीनें वापिस दिलाने के लिए भी वचनबद्ध है। किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नही आने दी जाएगी।



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