दिनांक 18.07.18 को रमेश उर्फ सोनू पुत्र बलदेव राज वासी न्यु प्रेमनगर करनाल ने थाना शहर करनाल में पहुंचकर प्रबंधक थाना निरीक्षक मोहनलाल को अपनी षिकायत दी, जिसमें उसने बताया कि कैसे उसे एक लड़की उसे अपने झुठे प्रेम-प्रसंग में फंसाकर और उस पर दबाव बनाकर पैसे ऐंठ रही है।
फेसबुक पर हुई जान पहचान बदली प्यार में.....
मुदई की आरोपीया से करीब 4/5 महीने पहले फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। धीरे-धीरे उनकी यह दोस्ती प्यार में बदल गई। इसी प्रेम-प्रसंग के चलते आरोपीया ने मुदई से 50,000 रूपये मांगे। जो मुदई समाज में अपमानित होने के डर से 20,000 रूपये कैष व 30,000 रूपये का चैक आरोपीयों को दे दिया। इसके बाद आरोपीया ने थोड़े-थोड़े दिनों के बाद आरोपी से कभी 10 तो कभी 5 हजार रूपये लेने शुरू कर दिए। समाज में ईज्जत बनाए रखने के लिए मुदई उसे पैसे देता रहा। किंतु अब एक बार फिर से आरोपीया ने उससे 50,000 रूपये की मांग की और जब मुदई ने उसे मना किया तो उसने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाने व उसके जाकर उसकी पत्नी को सब कुछ बताने की धमकी दी। जिसपर मुदई ने पुलिस का सहारा लेना उचित समझा और अपनी सारी व्यथा प्रबंधक थाना को सुनाई।
पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए आरोपीया को किया गिरफतार.....
निरीक्षक मोहनलाल द्वारा उसकी षिकायत पर तुरंत धारा 384,389 भा.द.स. के तहत मुकदमा नं0-864/18.07.18 दर्ज किया गया और उसे अनुसंधान अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए हुए 50,000 रूपये के नोट देकर आरोपी महिला के पास भेजा गया। जो मुगल कनाल करनाल पर मुदई ने महिला आरोपी से मिलकर पैसे उसे दे दिए और आरोपी उन्हें अपने पर्स में डालकर जैसे ही वहां से चलने लगी, तो उसके पास ही मौजुद महिला पुलिसकर्मी द्वारा तुरंत उसे दबोच लिया गया।
कोर्ट पेषकर पहुंचाया सलाखों के पिछे.....
पुलिस टीम द्वारा आरोपीया को गिरफतार कर माननीय अदालत के सामने किया गया, जहां से अदालत के आदेष अनुसार उसे न्यायीक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपीया से पूछताछ कर उससे 50,000 रूपये अनुसंधान अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरीत व मुदई से पहले लिए गए रूपयों में से भी 10,000 रूपये की राषी बरामद की गई। 
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